मतदाता खुद तैयार करेंगे अपनी वोटर लिस्ट

मतदाता सत्यापन कार्यक्रम की राजनीतिक दलों ने की तारीफ

रायपुर(realtimes) भारत निर्वाचन आयोग के निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2020 के पूर्व मतदाताओं के स्वयं सत्यापन के संदर्भ में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी राजनीतिक दलों ने कहा है कि यह एक बहुत अच्छी पहल है। इस कार्य से न केवल सक्रियता बढ़ेगी, बल्कि मतदाता सूची में मतदाता स्वयं अपना नाम शुद्ध कर सकेंगे एवं जोड़ सकेंगे। राजनीतिक दलों ने यह कहा है कि पुनरीक्षण के अंतर्गत शुरू होने जा रहा “मतदाता सत्यापन कार्यक्रम“ सराहनीय पहल है। भारत निर्वाचन आयोग के इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अर्हता कार्यक्रम के संदर्भ में ग्राम स्तर के साथ जिला स्तर पर भी वह मतदाताओं को जागरुक करने के लिए प्रचार प्रसार करेंगे।

उल्लेखनीय है कि भारत निर्वाचन आयोग 1 सितंबर 2019 से मतदाता सत्यापन कार्यक्रम का अत्यंत महत्वपूर्ण और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसे ध्यान में रखकर आयोग के निर्देशानुसार आज 13 अगस्त को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में प्रदेश के राजनीतिक दलों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने आयोग के द्वारा निर्धारित किए गए मतदाता सत्यापन कार्यक्रम की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदाता सत्यापन कार्यक्रम की प्रक्रिया हेतु जो समय सारणी निर्धारित की गई है वह 1 सितंबर 2019 से 30 सितंबर 2019 तक है। इसके अंतर्गत मतदाताओं की आधारभूत जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। मतदाताओं के परिवार की प्रविष्टियों का सत्यापन किया जाएगा। मतदान केंद्रों के जीआईएस मैपिंग संबंधी कार्य किए जाएंगे। वर्तमान मतदाताओं के संपर्क नंबर एकत्र किए जाएंगे। भावी मतदान केंद्रों के संबंध में अभिमत लिये जाएंगे। मतदान केंद्रों की जानकारी एकत्र की जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप शुद्ध मतदाता सूची का निर्माण किया जाएगा। मतदाताओं को उपलब्ध कराए जाने वाली संबंधित सेवाओं में सुधार किया जाएगा। मतदाता सत्यापन कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता स्वयं अपनी आधारभूत जानकारी को सत्यापित कर सकेंगे। इसके तहत मतदाता एन.वी.एस.पी., वोटर हेल्पलाइन एप, सी.एस.सी., ई.आर.ओ. ऑफिस एवं कॉल सेंटर के राज्य स्तरीय टोल फ्री नंबर 1800-2331-1950 या जिला स्तरीय टोल फ्री नंबर -1950 के माध्यम से स्वयं अपनी आधारभूत जानकारी को सत्यापित कर सकते हैं।

सीईओ ने भारत निर्वाचन आयोग की मंशा को स्पष्ट करते हुए बताया कि अब मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाना, कटवाना, संशोधन करने का कार्य मतदाता स्वयं कर सकते हैं। अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। इसके अंतर्गत मृत और स्थानांतरित परिवार के पंजीकृत सदस्यों के नाम विलोपन हेतु आवेदन कर सकते हैं। ऐसे भावी मतदाता जो 2 जनवरी 2002 से 2 जनवरी 2003 तक की अवधि में जन्म लिए हैं, ऐसे नागरिकों की जानकारी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एकत्र की जा रही है। बताया गया कि मतदाता सूची कार्य में बूथ लेवल अधिकारियों पर मतदाताओँ की निर्भरता कम करना भी इसका मुख्य उद्देश्य है।

सीईओ ने बताया कि 1 जनवरी 2020 की तिथि के लिए बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा 1 सितंबर 2019 से 30 सितंबर 2019 तक की अवधि में मतदाताओं के सत्यापन का कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत घर-घर सत्यापन के दौरान मतदाता और उनके परिवार की जानकारी एकत्र की जाएगी। मोबाइल ऐप के माध्यम से मतदाताओं के मकान का अक्षांश-देशांश का जीआईएस लोकेशन एकत्र कराया जाएगा। 1 जनवरी 2002 को या उससे पहले जन्म लिए मतदाताओं का फार्म-6 एकत्रित करने का कार्य किया जाएगा। अर्हता तिथि 1 जनवरी 2020 की स्थिति में पात्र मतदाताओं के फॉर्म-6 एकत्र किए जाएंगे। घर-घर सत्यापन के दौरान मतदाता और उनके परिवार की जानकारी एकत्र की जाएगी। मोबाइल ऐप के माध्यम से मतदाताओं के मकान का अक्षांश-देशाँश का पता एकत्र कराया जाएगा। ऐसे भावी मतदाता जिनकी अर्हता तिथि 1 जनवरी 2020 को पूरी हो रही है, इस तिथि की स्थिति में पात्र मतदाताओं के फार्म-6 एकत्र किए जाएंगे। इसी तरह मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के लिए फार्म-7 एकत्र करने का कार्य किया जाएगा एवं संशोधन किए जाने के लिए फार्म-8 एकत्रित किए जाएंगे। डुप्लीकेट एपिक हेतु फॉर्म-001 एकत्रित किए जाएंगे। ओवरसीज मतदाताओं की फॉर्म-6क एकत्रित किए जाएंगे। मतदाताओं से वैकल्पिक अथवा वर्तमान मतदान केंद्र हेतु फीडबैक लिए जाएंगे। मतदाताओं के फोटोग्राफ के भी सुधार का कार्य किया जाएगा। बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा मतदान केंद्रों का सभी अनुभाग, रोड, पोस्ट ऑफिस, पुलिस थाना को दर्शाते हुए नज¬़री नक्शा तैयार किया जाएगा। पोस्ट ऑफिस की जानकारी एकत्र की जाएगी। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *