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भारत ने 2017 के लिये नवजात मृत्यु दर 24 के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया : Harsh Vardhan

नयी दिल्ली।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने 2०17 के लिए जिदा जन्म लेने वाले प्रति 1,००० शिशुओं में नवजात मृत्यु दर (एनएमआर) 24 के निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और इस साल तक जन्म लेने वाले प्रति 1००० बच्चों पर 19 के मृत जन्मे बच्चों की दर (स्टिल बर्थ रेट) या एसबीआर के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोशिश कर रहा है।

हर्षवर्धन ने राष्ट्रीय नवजात सप्ताह-2०2० के अवसर पर आयोजित एक समारोह में भारत की नवजात कार्य योजना (आईएनएपी) के लक्ष्यों पर विस्तृत प्रगति कार्ड भी जारी किया। राष्ट्रीय नवजात सप्ताह 15 नवंबर से 21 नवंबर तक मनाया जा रहा है, ताकि स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में नवजात शिशु स्वास्थ्य के महत्व को सुदृढ़ किया जा सके और उच्चतम स्तर पर प्रतिबद्धता दोहरायी जाए।

इस वर्ष राष्ट्रीय नवजात सप्ताह का विषय है 'हर स्वास्थ्य केंद्र और हर जगह, हर नवजात शिशु के लिए गुणवत्ता, समानता, गरिमा। हर्षवर्धन ने आईएनएपी का प्रगति कार्ड जारी करते हुए कहा कि भारत ने 2०17 के महत्वपूर्ण लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिया है।

उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि 2०17 के लिए नवजात मृत्यु दर के 24 के निर्धारित लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और इस साल तक एसबीआर को 19 तक पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कोशिश जारी है।

उन्होंने कहा, “सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) 2०18 और संयुक्त राष्ट्र के इंटर-एजेंसी ग्रुप फॉर चाइल्ड मॉर्टेलिटी एस्टीमेशन (यूएनआईजीएमई) के अनुसार अब हमारी नवजात मृत्यु दर जिदा जन्म लेने वाले प्रति 1,००० शिशुओं में से 23 है।
हर्षवर्धन ने कहा कि सरकार सभी नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और विकास को लेकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, ''हम उन छोटी-छोटी चीजों को लेकर भी चौकस हैं, जो नवजात शिशु के विकास और जन्म को बाधित करती हैं, या जो नवजात शिशु के खराब स्वास्थ्य और/या मौत का कारण बनती हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार ने नवजात शिशुओं के जीवित रहने और विकास करने को सुनिश्चित करने के लिए कई कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें पोषण अभियान की प्रमुख मातृ योजना के तहत आने वाले पोषण संबंधी पहलू भी शामिल हैं।(एजेंसी)

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